ख़्याल रखने वाला


दिल से निकलती है दुआ अक्सर उनके  लिए 
जो बेवजह ख़्याल रखा करते है हमारा!!

पहले सोचा करते थे कि जन्मदाता के अलावा भी हो सकता है क्या ऐसा कोई ??

किन्तु हां अब समझ में आ चुका है की माता - पिता के अलावा केवल एक सच्चा मित्र 
 जीवनसाथी ही होता है जो रखता है  वक़्त बेवक़्त आपका  ख़्याल!!

जो मिलता है बडी खुशनसीबी से  अगर है आपके पास भी ऐसा हमसफ़र तो नाज़ करें उस पर!!

भुलाकर उसकी सारी गलतियां याद करें केवल उसके साथ को!!
 उसके प्यार को जो कभी दिखता नही है किंतु महसूस होता है हर वक़्त प्राणदायी वायु की तरह!!

एकता श्रीवास्तव✍️

Comments

Popular posts from this blog

आज की मांग

आखिरी अदालत

सुनहरी यादें