दे दे माँ थपकी।

माँ अपनी गोदी में लिटा ले।
दे दे प्यार की थपकी ।
बहुत थक गई हूँ। 
सकुन भरी नींद सुला दे।

अपनी बाहों का झूला बना ले।
दे दे प्यार का झोंटा। 
लगे ठंडी हवा का झोंका। 
सावन बन प्यार बरसा दे।

सुना दे एक लोरी।
मैया मै तेरी गोरी।
गुनगुना कर मुझको ।
स्वपन सुहाने दिखा दे। 

दर्पण में देखूँ तेरी सुरत।
अपने अन्दर तेरी मूरत। 
प्यार के आँसु मेरी आखों से। 
छलक छलक कर आए।

तु कहाँ है मेरी माँ। 
बचपन मुझे लौटा दे। 
बहुत थक गई हूँ। 
सकुन भरी नींद मुझे सुला दे। 

#नीलम गुप्ता नजरिया दिल्ली

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