अंश्रुधारा है आंखों में कैसे दर्शन पाऊं मां

आप  सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं🙏🙏

अंश्रुधारा है आंखों में कैसे दर्शन पाऊं मां,
उतना ज्ञान नहीं है मुझमें जो तेरी महिमा गा पाऊं मां,
दुःख संताप से अस्त व्यस्त हो रहा है जीवन सबका तो
कैसे मुस्काऊं मां
पांव में है बेड़ी मोटी,तुझ तक कैसे आऊं मां
इस महामारी के भंवर में है सभी उलझे पड़े,
अब तो बेड़ा पार लगा दो मां,
कर रही हूं आस्था और श्रद्धा समर्पित
अब तो मुझे अपनाओं मां
कैसे करना है इतना तो नहीं जानती,
पर धूप दीप कपूर से तेरी आरती गाऊं मां
दुःख विपदा का नाश करो अब, सबके जीवन
मे नई चेतना जगाओं मां,
पाप पुण्य के असमंजस से दूर, बस कर्म का पाठ
पढ़ाओ मां
अंश्रुधारा लिए आंखों में बारंबार शिश नवाऊं मां
सारी गलतियों को क्षमा कर तुम इस बेटी को अपनाओं मां
    ‌‌                                                                  प्रिया प्रसाद✍️❤️

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