भारत की संस्कृति

जिस देश में ममता समता हो
गंगा का पानी ना जमता हो
करता नित वंदन सागर भी
श्रीराम प्रभु का चंदन हो जिस,,,,,,
 रेतीले टीले लहराती पवन
बरसाती सजन आया सावन
भाई और बहन का वंदन हो
गुरुदेव का भी अभिनंदन हो जिस देश,,,,,
गाय को जो माता कहते है
हनुमान भी संग में रहते है
नागों की जहाँ पर पूजा हो
विष भी अमृत में बदलता है जिस देश,,,,,,,,,,, 
मीरा के जैसी भक्ति है
पन्ना के जैसी शक्ति है
करके बलिदान जो जीवन का
नाम कराया मेवाड़ी धरती का जिस देश,,,,,,
 नल निल की जैसी माया हो
सत पर ही टिक पाया हो
राजा ने त्यागा राज जहाँ
ऐसा बलिदानी राजा कहां जिस देश,,,,,,,,,,,,,,,,,,, माता पिता की छाया हो
बसती जिसमें काया हो
भेद न कोई करता हो
एक दूजे के संग में मरता हो जिस देश,,,,,,,,,,,
देश धर्म नारी शक्ति को
लक्ष्मी का रूप समझता हो
कन्या का जहाँ पर पूजन हो।
जिस देश ,,,
संध्या पंवार

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