मेरा मनपसंद खाना


वैसे तो कोई भी खाना बुरा नही लगता मुझे 
पर मेरी मॉ के हाथ का बना खाना बहुत याद आता है मुझे
बड़े ही प्यार और जतन से बनाती थी
धीमी ऑच पर पकातीं थी
खाना बनाने का शौक भी रखतीं थी
उनके हाथ का बना चिकन मसाला 
किसी के भी मुंह में पानी ले आता
कम मसालों बेहद लज़ीज़ डिश बनती थी
बिमारी की हालत में भी स्वाद में कमी नही रहती थी
बड़ा रच रच के कोई भी पकवान बनातीं थीं
अब वैसा ज़ायका कहीं नहीं मिलता
बहुत याद आता है वो खाना !



हुमा अंसारी

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