हम बदलेंगे युग बदलेगा


कौन कहता है कि कठिन है 
इस दुनिया को बदलना
बस जरूरी है खुद से
कुछ सच्चे वादे करना

अपने माता पिता का शीश
कभी न झुकने देना
दिल दुखा दें ऐसे कड़वे
वचन कभी न कहना

विद्या देते हैं शिक्षक जो
उनका दिल से हो सम्मान
शिक्षा का मोल समझें तो
भावी पीढ़ी बनेगी विद्वान

सीमा पर देश की रक्षा करें
सेना के हम नही जवान
पर प्रण कर लें, हम रोकेंगे उसे
जो कोई करे देश का अपमान

अपने बेटों को सिखलाएं
नारी सम्मान के संस्कार
न होगा फिर कहीं किसी
स्त्री के संग बलात्कार

अपनी जरूरतें घटा लें तो
न करना पड़ेगा अधिक धनार्जन
दूर हों दिखावे की दुनिया से
भ्रष्टाचार का न करें समर्थन

हर नागरिक हो ईमानदार
बन जाये सच्चा इंसान
जब हम बदलेंगे, युग बदलेगा
होगा देश, समाज का कल्याण
               प्रीति ताम्रकार
                जबलपुर (मप्र)

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