देश की बेटी
लवलीना बोरगोहेन ने किया कमाल,
ओलंपिक में लाई कांस्य पदक,
और पूरे भारत की बनी तीसरी बॉक्सर,
हमें गर्व हैं लवलीना पर,
जिसने तुर्की की चैंपियन को दी मात,
तेईस वर्ष की उम्र में लवलीना ने रचा इतिहास।
गोलाघाट की रहने वाली लवलीना पर करते है हम सब गर्व,
मेरी कॉम के बाद दोहराया जाएगा सदा लवलीना का नाम,
और साथ में होगा उनके परिजनों का भी नाम।
महिला कोच शिव सिंह को करता है सारा भारत नमन,
जिसने बहादुर बेटी को दिया प्रशिक्षण,
लवलीना ने किया भारत का सिर गर्व से ऊंचा,
वो है लवलीना बोरगोहेन हमारे देश की विजेता।
हरप्रीत कौर
दिल्ली
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