लगती बैरन सावन की फुहार




कैसे देखे सजनी

बागों की बहार

रूठे हो साजन 

तो लगती बैरन 

सावन की फुहार

एक नज़र को तरसता

दिल सजनी का बेकरार 

पर सजना बेदर्दी न देखें

उसके सोलह सिंगार

पर सजनी उसको रिझा ही लेगी

जता के अपना प्यार

              प्रीति ताम्रकार
              जबलपुर

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