तीज



आया तीज त्योहार, खुशियाँ बढ़ी अपार, देखो देखो आज बड़ी शुभ घड़ी आयी है 
लेकर हांथों मे थाल, चन्दन सिंदूर डाल, बड़े ही जतन से आज थाल को सजायी हैं 
रखकर खुद पर आस, कर पूजा और विश्वास, पति की लम्बी उमर की ज्योति वो जलायी हैं 
बड़े ही अरमानो से,  बड़े शुभ कामों से, वो ऐसा जीवनसाथी पायी हैं 
रहे बस उनका साथ, डाल हाथों मे हाँथ, यही सोच सोच वो अत्यंत हर्षायी हैं 
रहेंगी निहार मुख, मिले जीवन का सुख, साथ रहे हर पल यही अर्जी लगायी हैं
रहे वो चाहे जिधर, रहे बस लम्बी उमर,उनकी सुरक्षा की आस दिल मे समायी हैं
आओ आओ सुहागिनों आओ,  इस तीज को मनाओ, जिनके मनाने  से ये खुशियाँ अपार आयी हैं

मुकेश लखनवी

Comments

Popular posts from this blog

आखिरी अदालत

आज की मांग

आवारा बादल (भाग 30) प्रयास