झनकार
मा के स्वर से शिव के नृत्य की आगई झंकार
किया क्रोध शुरू तांडव हुआ
हवा में आई आवाज बजे मृदंग बजे डमरू
करती नयी झंकार
माँ के अंगों से
हवा में मची हाहाकार
जिस दिशा में पहुँचा
माँ अंग हुआ नया अवतार
माँ के शक्ति पीठो की
ज्योति अपरम्पार
धर्म और शक्ति भक्ति की
दुनियां में बजरही झनकार
संध्यापंवार
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