निगाहों की शरारत

इन आखो मे शरारत का सलीका देखो। 
जान  ले जाने का अनोखा तरीका  देखो।।

हम तो मर जाएगे आखो की इस इनायत पर ।
कत्ल करने का एक और तरीका देखो। ।

बार आखो ने किया सम्भला नही ये दिल मेरा।
उनकी  आखो का सरेआम ये हुनर देखो।

कत्ल सरेआम कर रहे हो तुम।कहा से सिखा ये हुनर देखो।
जान जाएगी इन निगाहो से।हो रही है ये बेसब्र देखो

लोग कहते है हुस्न बालो का , ये तरीका है दिल चुराने का।
तोड कर रख दिया है दिल मेरा,करती सरेआम है कत्ल देखो 

छीन कर ले गया मेरी सासे, हो गया सब से बेखबर देखो। बन्द होती है जब तेरी आखे। मै हो जाती हु बेसब्र देखो।।

इन  आखो  मे  शरारत  का  सलीका  देखो ।
जान  ले  जाने  का  एक और तरीका देखो ।।
💐 रितु शर्मा

Comments

Popular posts from this blog

आज की मांग

आखिरी अदालत

सुनहरी यादें