बारिश
मुझे इस दिलकश बारिशो मे भीग जाने दो।
सुखी मिटी से ये सोदी सी महक आने दो।।
भीगना है मुझे बारिश की सर्द बुदो मे।
हवाओ को बारिश सग गुनगुनाने दो।
जब बारिश होती है झुम उठता है मेरा आगन।
इस बारिश की तरह मुझ को भी झुम जाने दो।।
भीग ना जाए ये अरमान,बहुत डरती हु।
पास आओ के अपनी बाहो मे सिमट जाने दो ।।
बारिश मे भीगने का मौसम ,आज आया है।
भीगने दो मुझे सावन मे डुब जाने दो।।
मुझे इस दिलकश बारिश मे डुब जाने दो।
सुखी मिटी से ये सोदी सी महक आने दो।
🌹🌹🌹 रितु शर्मा
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