ये राखी और मेरा भाई


ये राखी सिर्फ एक जरिया है तेरे मेरे प्यार की,
ये धागा क्या बयां करेगी बात हमारे अनमोल रिश्ते की,
तू भाई है मेरा, मैं तेरी प्यारी सी गुड़िया हूं,
रिश्ता जो दिल से निभाती हूं,उसे एक धागे के सहारे कैसे छोड़ दूं,,,
आज तू दूर है तो तेरे लिए ये राखी भेज रही हूं,
तू जहां भी रहे सलामत रहे ये दुआ करती हूं,
राखी के बदले मुझे सिर्फ तेरा प्यार चाहिए,
मेरी आखरी सांस तक तू मुझे मेरा साथ चाहिए,,
नेक में तेरा वादा भेजना ,,,,
छोटी हूं तुझ से तो प्यार के साथ अपना आशीर्वाद भेजना......



स्वरचित मौलिक अप्रकाशित
ज्योतिजयीता महापात्र

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