एक पीली शाम
शाम तो रोज पीली होती है
आओ बात करें पीली शाम की
दो दोस्तों के प्यार की
मनुहार की
कसम खा रहे थे
पार्क में बैठे
जुदा ना होंगे
तेरी कसम
सारी उम्र रहेंगे साथ हम
प्यार की वह मीठी कसमें
मिलन की वह बातें
लग रही थी हसीन
बुन रहे थे मीठे ख्वाब
एक पीली शाम आई
जिंदगी में ऐसी
दोस्तो की दोस्ती से
हो गए जुदा
पत्ता टूटा साख से
ले गई पवन उड़ा
दो दोस्त फिर ना मिले
एक ना हो पाए
एक को ले गई
वह पीली शाम
ना आए जिंदगी में
किसी के ऐसी शाम ।
दिल की कलम
मधु अरोड़ा
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