अनजाने मुसाफिर के अनसुने अल्फाज

दिलो में रहता हूँ 

तो धड़कने बेकाबू कर देता हूँ 

मैं इश्क़ हूँ 

वजूद की धज्जियां उदा देता हूँ ||


~~~~~ सौरभ 



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