हाथों में थामे हाथ


हाथों में थामे हाथ 
 मुझे ले चला कहाँ
        हाथों में थामे हाथ- - 
मैं हो गई हूँ तेरी
तू हो गया है मेरा
ले चल मुझे वहीं पर
बस प्यार हो जहाँ
        हाथों में थामे हाँथ- - 
सपने हुये वो पूरे
जो थे कभी अधूरे
मैं हूँ धरा तुम्हारी
तू मेरा आसमाँ
         हाथों में थामे हाथ- - 
आँखों में तेरी सूरत
ज्यों देवता की मूरत
बंधन न देह का हो
बस रूह हो फ़ना
      हाथों में थामे हाथ- - 
           -कीर्ति प्रदीप वर्मा

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