नशा


"अरे बहू!!कहाँ जा रही हो इतना सामान लेकर"??

"बस मां जी!!अब और नही आखिर आपके शराबी बेटे को कब तक बर्दास्त करूँ,बात जब मेरी थी तो मैंने हर चुनौती स्वीकार की लेकिन अब मैं अपने बेटे की परिवरिश ऐसे माहौल में नही कर सकती जहाँ खुद उसके पिता आये दिन शराब के नशे में उसकी माँ के साथ अभद्र व्यवहार करता हो"।
मां जी अपने  बेटे को स्त्रियों की इज्जत करना नही सिखाया उसका नतीजा तो आप देख रही हों कि आपका बेटा स्वयं आपकी इज्जत नही करता।
मैं अपने बेटे को एक अच्छा इंसान बनाउंगी जो यहाँ पर सम्भव नही है।

और निशा ने आज वो दहलीज पार कर दी।

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