'"कहता है आभूषण'"

कहता है अलता- महावर
रहो खुश सर से पांव तलक तुम
मेहंदी कहती मेरे जैसी
जीवन रंगों से रोशन करो तुम

अंगूठी बिछिया कहता हमसे
एक बात बड़ी प्यारी
सुंदर बंधन में बंध गई देखो
कन्या एक सु कुमारी

कमरधनी कहती करो काम
मनोयोग से सारा
मांग टीका कहता रहे हमेशा
जीवन साथी का सहारा

एड़ी से चोटी तक आभूषण
संदेश यही देता है
प्रेम बंधन रंग और उल्लास
जीवन में सौन्दर्य भरता है

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