प्रकृति




है प्रकृति सरल सुंदर तरंग
मानव जीवन का भिन्न अंग
यह वसुधा की फुलवारी है
इस पर दुनिया बलिहारी है
इससे रोशन हर क्यारी है
यह प्राकृति न्यारी न्यारी है
यह मौसम की किलकारी है
ऋतुएं आती है रंग रंग
मानव जीवन का भिन्न अंग
है प्रकृति सरल*********

प्राकृति वसुधा पर फैली है
मानव जीवन की शैली है
वन उपवन इसकी थैली है
पथ जीवन की यह रैली है
इससे न कोई करो जंग
मानव जीवन का भिन्न अंग
है प्रकृति सरल********

✍️✍️ आशीष सिंह
Call 112 लखनऊ


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