आज फिर एक दीवाना
आज फिर एक दीवाना गाना गायेगा
जिंदगी का वो हर तराना सुनाएगा
ये जिंदगी का सफर भी कितना हसीं है
मिल जाए हर ख़ुशी मगर मिलता नहीं है
मनुष्य अपने संघर्ष से पहचाना जाएगा
आज फिर एक दीवाना गाना जाएगा
जिंदगी का वो हर तराना सुनाएगा
बहुत मेहनत लगती है नाम बनाने मे
और जरा सी देर नहीं लगती पहचान मिटाने मे
मनुष्य अपने कर्मों से ही जाना जाएगा
आज फिर एक दीवाना गाना गायेगा
जिंदगी का वो हर तराना सुनाएगा
वही सफल है आज जिसमे कुछ कर गुजरने की प्यास है
हताशा के सागर मे भी जीवन की तलाश है
मनुष्य अपने जूनून से ही अपना भाग्य बनाएगा
आज फिर एक दीवाना गाना गायेगा
जिंदगी का वो हर तराना सुनाएगा
पहाड़ को चीर कर जो रास्ता बनाएगा
एक दिन वही अपने मंजिल को पाएगा
शमा की याद मे आज परवाना गाएगा
आज फिर एक दीवाना गाना गायेगा
जिंदगी का वो हर तराना सुनाएगा
आपका मुकेश लखनवी
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