विश्वास
छोड दे सबकुछ ऐ बन्दे उस ऊपर वाले पर,
अच्छा बुरा जो है करना,विश्वास रख उस जग के रखवाले पर!
विश्वास रख ऐसा जैसा कि बालक ध्रुव ने किया,बनाया उसे पुत्र अपना,बिठाया अपनी गोद मे,
विश्वास हो मीरा जैसा,जिसका विष भी अमृत कर डाला!
जब हो अंधकार चारो तरफ,ना आए कुछ नजर तो निश्चिंत होकर कदम बढा दे, अपना उस सृष्टि रचने वाले पर!
छोड दे सबकुछ ऐ बन्दे ,उस ऊपर वाले पर!
श्वेता अरोडा
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