झिलमिलाती रोशनी की कर दूं तुम पर बौछार


कैद कर लेते खुबसूरती को काश
तो कर देते हम अमावस्य में
झिलमिलाती रोशनी की बरसात
काश ये निगाहें तुम तक पहुंच पाती
तो हम कर पाते जी भर
तुम्हारा दीदार
हो जाते तब हम समुद्र के भी पार
जब करा देते तुम पानी में 
बन कर छवि खुद का दीदार
झिलमिल झिलमिल सी देखो
आ गई फुहार 
कुछ ना आ रहा नजर 
बस आ रही है तुम्हारी याद
झिलमिलाती रोशनी अब जा तू 
समुद्र के पार,
कर दे उन भी प्रेम की बौछार।। 


प्रिया ❤️✍️

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